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अलबामा के विद्यार्थी ने NASA के पहले मंगल हेलिकाप्टर का नाम बताया – TOP 4 FACTS AND BIOGRAPHY

NASA NEW INVENSION

NASA FACTS

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FACTS- 1

रोवर रेजर के साथ मंगल हेलिकाप्टर अब होगा मंगल गृह पर लेंड –

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दोस्तों आज जो FACTS आप पढ़ने वाले है वो अलबामा के विद्यार्थी के अनोखे दिमाग का काम है | यह विद्यार्थी अलबामा हाई स्कूल से है जिसने पहले मंगल हेलिकाप्टर का नाम दिया, जो बाद में बताया जा रहा है की इस गर्मी में लाल गृह मंगल पर तैनात किया जाएगा |

यह हेलिकाप्टर ingenuity, vaneeza rupani द्वारा प्रस्तुत नाम, 4 पाउंड यानि 1.8 किलोग्राम सौर ऊर्जा संचालित हेलिकाप्टर के लिए चुना गया था |नासा ने बुधवार को एक बयान में कहा है की नॉर्थपोर्ट के टस्कालोसा काउंटी हाई स्कूल में जूनियर द्वारा पढ़ा गया नाम संयुक राज्य अमेरिका में कक्षा 12 के छात्रों के लिए नासा के “नेम द रोवर” निबंध प्रतियोगिता में प्रस्तुत 28,000 नामों में से था |

रुपानी ने अपने निबंध में लिखा है की अंतर यात्रा की चुनौतियों से पार पाने के लिए कड़ी मेहनत करने वाले लोगों की प्रतिभा हम सभी को अंतरिक्ष अन्वेषण के चमत्कार का अनुभव करने की अनुमति देती है और साथ ही साथ यह लोगों को अद्भुत चीजों को पूरा करने की अनुमति देती है , और यह हमे हमारे क्षितिज को ब्रह्मांड के किनारों तक विस्तारित करने की अनुमति देती है |

मार्च में अंतरिक्ष एजेंसी के एक छात्र के निबंध के आधार पर मंगल रोवर के लिया दृढ़ता का नाम चयन किया , लेकिन रोवर के साथ आने वाले हेलिकाप्टर के लिए एक नाम चुनने के लिए प्रस्तुत निबंधों पर वापस एक बार फिर फैसला किया गया |

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FACTS – 2

COVID -19 के कारण अब हो रहा बच्चों के शरीर में सूजन सिंड्रोम |

Microscopic view of Coronavirus, a pathogen that attacks the respiratory tract. Analysis and test, experimentation. Sars. 3d render

वॉशिंगटन न्यूज से पता चला की बच्चों में काफी हद तक कोविड-19 से शरीर में सूजन की जटिलता में वृद्धि हो रही है जो ब्रह्मांड में आने वाली पीड़ी के लिए खतरनाक साबित हो सकती है | ब्रिटेन की राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा ने जारी किया की पहले बच्चों में कोरोना वायरस से संक्रमण होने से टॉक्सिक शॉक सिंड्रोम को देखा गया |इन सभी को मद्दे नजर रखते हुए सभी देशों की मेडिकल साइंस ने कोविड-19 से बच्चों को सुरक्षित करने के लिए दवाइया बना रहे है |

FACTS – 3

जलती हुई चीता से उठा एक मुर्दा

दुनिया में ऐसी भी कई घटनाए है जो जिन्हे सुनकर हमारे होश उड़ जाते है और ऐसे ही एक इंडिया की घटना ने लोगों के दिलों को भय से भर दिया जिसे देख पाना अपने आप में भयानक होगा |भारत में एक मरे हूएं इंसान की लाश को जब चिता पर लेटाया गया तब एक आक्षमिक घटना ने सबके दिलों को बहला दिया | लाश को जब शमशान में जलाया गया तब मुर्दा उन्ही जलती लकड़ियों पर बैठ गया जिसे देखकर वहाँ खड़े लोगों में भड़गढ़ मच गई जिसे देख पाना बहुत ही भयानक था | जैसे ही यह खबर दुनिया के सामने आई सब जगह इस मसले की बातों को लेकर कई बाते बनाई गई लेकिन साइंस के अनुसार मुर्दा इसलिए लकड़ियों पर बैठ पाया क्योंकि उसके पैरों पर किस प्रकार का वजन नहीं था |

FACTS- 4

CORONA को अब इंसानी शरीर में डाला जाएगा |

दुनिया भर में कोरोना वायरस का संक्रमण तेजी से फैला जा रहा है जिसके चलते एक और नहीं न्यूज सामने आई है की कोरोना वायरस से संबंधित जल्दी ही वैक्सीन को बनाया जाएगा जिसके चलते यूके में कोविड चैलन्ज ट्रायल के तहत , करोरण वायरस को जानबूझकर मानव शरीर में डाला जाएगा | ऐसा करने वाला ब्रिटेन दुनिया का पहला देश बन सकता है | यह ट्रायल स्वयंसेवकों पर किया जाएगा | इस प्रयोग से वैज्ञानिक पता लगा सकते है की कोरोना वायरस इस हद तक इंसानी शरीर की इम्यूनिटी को खत्म और कमजोर बना सकती है | इस जानकारी के अनुसार पता चला की यह प्रोयोग लंदन में किया जा रहा है और साथ ही साथ ब्रिटेन सरकार ने कहा है की यह इस प्रोयग को मानव जाती पर एक टीके के रूप मे दिया जाएगा लेकिन अभी तक इसके पुकता सबूत नहीं किसी भी प्रकार से बाहार नहीं आए है |

दुनिया भर में अभी तक 50 से भी ज्यादा टीकों के परीक्षण किया जा चुके है लेकिन उनके पुकता सबूत दुनिया के सामने अभी तक नहीं आ पहुचे है | यहा तक की अमेरिका की ऑक्सफोर्ड यूनिवरसिटी और चीन की साइंस लैब्रटोरी का कहना है की हमारे टीके अंतिम चरण तक तैयार हो चुके है लेकिन अभी तक लोगों पर इनका इस्तेमाल नहीं की जा चुका है |

लेकिन सबसे बड़ी बात यह है की ये कोई प्रकृति से जुड़ा वायरस नहीं है , इसे इंसानों ने बनाया है जिस मिटा पाना मुश्किल माना जा रहा है |लेकिन अब पूरी दुनिया इस कोरोना वायरस की बीमारी से झुँझ रही है जिसके चलते बहुल जल्द ही इस वायरस का टीका दुनिया के सामने आ जाएगा |

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